ॐ सर्वलोकप्रियङ्कराय नमः
सर्वलोकप्रियङ्कर
Sarvalokapriyaṅkara
Root: sarva + loka + priyaṅkara
अर्थ
He who does what is pleasing and beneficial to every world
सम्पूर्ण लोकों का प्रिय (हित) करने वाले, सब संसारों के हितकारी
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब, समस्त
लोक
world, people
लोक, संसार
प्रियंकर
one who does what is pleasing, benefactor
प्रिय करने वाला, हितकारी
आधुनिक संदर्भ
प्रियंकर — प्रिय (भलाई) करने वाला। सर्वलोकप्रियंकर भगवान सब लोकों का प्रिय सक्रिय रूप से करते हैं। जब मानसून समय पर आए और किसान खुश हो, जब बच्चा स्वस्थ जन्मे और परिवार उत्सव मनाए, जब शान्ति-समझौता हो और दो देश मित्र बनें — सब प्रियंकर भगवान का कार्य है। भगवान निष्क्रिय नहीं — सक्रिय रूप से सबका प्रिय कर रहे हैं।
कब जपें
ॐChant during gratitude prayers, when acknowledging divine intervention, or during community welfare events. Ideal during Satyanarayan Katha and when blessings arrive from unexpected directions.
और करुणा नाम
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