ॐ सर्वात्मसाक्षिणे नमः
सर्वात्मसाक्षी
Sarvātmasākṣī
Root: sarva + ātma + sākṣī
अर्थ
The witness who observes the innermost self of every being
सबकी आत्मा के साक्षी, हर प्राणी के अन्तरतम को देखने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
आत्म
self, soul, innermost
आत्मा, अन्तरतम
साक्षी
witness, observer
साक्षी, देखने वाला
आधुनिक संदर्भ
बाहरी कर्मों को तो कैमरे देख लेते हैं — पर भीतरी विचारों को कौन देखता है? सर्वात्मसाक्षी। जब मन में बुरा विचार आए और बाहर कोई न जाने — सर्वात्मसाक्षी ने देखा। जब मन में अच्छा संकल्प हो और कोई praise न करे — सर्वात्मसाक्षी ने वह भी देखा। आत्मा के स्तर पर कोई गोपनीयता नहीं — भगवान विचारों, भावनाओं, और इच्छाओं सब के साक्षी हैं।
कब जपें
ॐChant during introspection, self-examination, or when the divine witness within needs acknowledging. Ideal during evening self-reflection and when integrity operates at the thought-level.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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