ॐ सर्ववेदान्तवेद्याय नमः
सर्ववेदान्तवेद्य
Sarvavedāntavedya
Root: sarva + vedānta + vedya
अर्थ
He who is the one truth to be known through every Vedantic path
सम्पूर्ण वेदान्त मार्गों से वेद्य (जानने योग्य), सब उपनिषदों का अन्तिम ज्ञेय
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
वेदान्त
end of Vedas, Upanishads
वेदान्त
वेद्य
to be known, the knowable truth
जानने योग्य, ज्ञेय
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'वेदैश्च सर्वैरहमेव वेद्यः' — सब वेदों से मैं ही जानने योग्य। सर्ववेदान्तवेद्य उसी सत्य का नाम — भगवान ही सब वेदान्त का अन्तिम ज्ञेय। अद्वैत, विशिष्टाद्वैत, द्वैत — तीनों मार्ग एक ही ज्ञेय की ओर। 108 उपनिषद्, ब्रह्मसूत्र, गीता — सब एक ही सत्य बता रहे — भगवान को जानो।
कब जपें
ॐChant during Vedanta study, when philosophical confusion needs resolution, or during Brahma Sutra discussions. Ideal during Shankaracharya/Ramanuja/Madhva Jayantis.
और विद्या नाम
← → arrow keys to navigate