ॐ सर्वदेवसदाश्रयाय नमः
सर्वदेवसदाश्रय
Sarvadevasadāśraya
Root: sarva + deva + sadā + āśraya
अर्थ
The eternal refuge to whom every god perpetually turns for shelter
सम्पूर्ण देवताओं की सदा (शाश्वत) शरण, जिनकी ओर सब सुर सदा मुड़ते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
देव
god, deity
देवता
सदा
always
सदा
आश्रय
refuge, shelter
आश्रय, शरण
आधुनिक संदर्भ
देवता भी शरण लेते हैं — समुद्र मंथन में विष निकला, देवताओं ने विष्णु-शिव की शरण ली। वृत्रासुर से डरे, विष्णु की शरण। रावण से परेशान, विष्णु से प्रार्थना। सर्वदेवसदाश्रय — देवताओं की भी सदा शरण — बताता है कि भगवान सिर्फ़ मनुष्यों के नहीं, देवताओं के भी आश्रय। जब शक्तिशाली भी असहाय हों — तब भी एक शरण शेष: भगवान।
कब जपें
ॐChant during Samudra Manthan recitation, when powerful people need divine help, or when the universal need for refuge needs understanding. Ideal during sharanagati and crisis prayers.
और रक्षा नाम
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