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ॐ अमोघाय नमः
अमोघः
Amoghaḥ
Root: a + mogha
Devotion·भक्ति
Meaning
अर्थ
He whose grace and actions are never futile or wasted
जिनकी कृपा और कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाते
Word-by-Word Breakdown
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अ
not
नहीं
मोघ
futile, fruitless
व्यर्थ, बेकार
Modern Context
आधुनिक संदर्भ
यह नाम सहस्रनाम में दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 110), जो इसके महत्व को रेखांकित करता है। जब छात्र तीन-चार बार परीक्षा में फ़ेल हो और लगे कि सब बेकार गया, तब अमोघ याद करें। भगवान का कोई भी आशीर्वाद व्यर्थ नहीं जाता। वो प्रार्थना जो आज निष्फल लगती है, वो कल किसी और रूप में फलित होती है।
When to Chant
कब जपें
ॐChant when feeling that efforts are going to waste, after repeated setbacks, or when renewing trust in the Lord's unfailing grace.
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