ॐ सर्वतश्चक्षुषे नमः
सर्वतश्चक्षुः
Sarvataścakṣuḥ
Root: sarvatas + cakṣus
अर्थ
He who has eyes everywhere, seeing from every direction
जिनकी आँखें हर दिशा में हैं, सर्वत्र देखने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्वतः
from all sides, everywhere
सब ओर से, हर दिशा में
चक्षुः
eye, vision
आँख, दृष्टि
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण विराट रूप दिखाते हैं जिसमें 'सर्वतः पाणिपादम्,' हर जगह हाथ और पैर, 'सर्वतोऽक्षिशिरोमुखम्,' हर जगह आँखें, सिर और मुख। सर्वतश्चक्षु भगवान वो हैं जिनकी दृष्टि हर कोने तक है। जब कोई कहता है 'भगवान सब देख रहे हैं,' तो यही नाम उनके मुख पर है। न कोई छिपा कर्म है, न कोई अनदेखा त्याग।
कब जपें
ॐChant when feeling watched over by the divine, during Vishvarupa meditation (Gita Chapter 11), or when seeking the omniscient gaze for guidance.
और विद्या नाम
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