ॐ सत्कृताय नमः
सत्कृतः
Satkṛtaḥ
Root: sat + kṛta
अर्थ
He who is worshipped and honoured by all noble souls
जिनकी सत्पुरुषों द्वारा पूजा और सम्मान किया जाता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सत्
by the good, by the righteous
सत्पुरुषों द्वारा
कृत
honoured, worshipped, served
सम्मानित, पूजित, सेवित
आधुनिक संदर्भ
सन्तों और ऋषियों ने सदा विष्णु की पूजा की है। तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखी, सूरदास ने कृष्णलीला गाई, मीरा ने जहर का प्याला पी लिया लेकिन भक्ति नहीं छोड़ी। सत्कृत भगवान वो हैं जिन्हें ये सब महान आत्माएँ पूजती हैं। जब कोई आधुनिक वैज्ञानिक APJ अब्दुल कलाम की तरह भगवान में विश्वास रखता है, तो वो सत्कृत की परम्परा को आगे बढ़ा रहा है।
कब जपें
ॐChant when reflecting on the devotion of great saints, during Tulsidas/Surdas/Meera Jayanti, or when inspired by devotion in unexpected places.
और भक्ति नाम
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