ॐ वृषपर्वणे नमः
वृषपर्वा
Vṛṣaparvā
Root: vṛṣa + parvan
अर्थ
He who is reached through the rungs of dharmic observances
धर्म के पर्वों (सीढ़ियों/त्योहारों) के माध्यम से जिन तक पहुँचा जाता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
वृष
dharma
धर्म
पर्वा
rungs, steps, festivals, junctions
पर्व, सीढ़ियाँ, त्योहार, सन्धि
आधुनिक संदर्भ
भारत में हर महीने कोई न कोई पर्व (त्योहार) आता है: मकर संक्रांति, बसन्त पंचमी, महाशिवरात्रि, होली, रामनवमी, जन्माष्टमी, नवरात्रि, दीवाली। ये सब 'पर्व' (सीढ़ियाँ) हैं जिनके माध्यम से भक्त भगवान तक पहुँचते हैं। वृषपर्वा बताता है कि भगवान तक का रास्ता त्योहारों से गुज़रता है। हर पर्व एक सीढ़ी है, हर व्रत एक कदम।
कब जपें
ॐChant at the beginning of any festival, during Ekadashi observances, when planning the yearly puja calendar, or when reflecting on the spiritual purpose of Indian festivals.
और भक्ति नाम
← → arrow keys to navigate