ॐ सर्वदृग्व्यासाय नमः
सर्वदृग्व्यासः
Sarvadṛgvyāsaḥ
Root: sarva + dṛś + vyāsa
अर्थ
The all-seeing sage Vyasa who compiled and arranged all knowledge
सर्वद्रष्टा व्यास, जिन्होंने सम्पूर्ण ज्ञान का संकलन और विभाजन किया
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
दृक्
seeing, vision
देखने वाला, दृष्टि
व्यास
compiler, arranger, the sage Vyasa
संकलनकर्ता, व्यवस्थित करने वाले, व्यास ऋषि
आधुनिक संदर्भ
वेदव्यास ने चारों वेदों का विभाजन किया, महाभारत लिखी, 18 पुराण रचे, और ब्रह्मसूत्र लिखा। भारत की समूची ज्ञान-परम्परा व्यास पर टिकी है। गुरु पूर्णिमा को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहते हैं। सर्वदृग्व्यास बताता है कि भगवान विष्णु ही व्यास के रूप में ज्ञान को व्यवस्थित करने आए। हर पुस्तकालय, हर विश्वविद्यालय, हर डिजिटल आर्काइव व्यास की विरासत है।
कब जपें
ॐChant on Guru Purnima (Vyasa Purnima), when beginning academic research, during scripture compilation, or when honouring teachers and knowledge traditions.
और विद्या नाम
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