ॐ शब्दातिगाय नमः
शब्दातिगः
Śabdātigaḥ
Root: śabda + ati + ga
अर्थ
He who transcends all words and cannot be captured by language
जो सभी शब्दों से परे हैं, जिन्हें भाषा में बाँधा नहीं जा सकता
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शब्द
word, sound, language
शब्द, भाषा
अतिग
transcending, going beyond
से परे जाने वाला
आधुनिक संदर्भ
विष्णु सहस्रनाम में 1000 शब्दों से भगवान का वर्णन किया गया है, लेकिन शब्दातिग बताता है कि ये सब शब्द भी पर्याप्त नहीं हैं। तुलसीदास ने लिखा 'हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता,' हरि अनन्त हैं और उनकी कथा भी अनन्त है। जब भजन सुनते हुए ऐसा क्षण आता है जहाँ शब्द ख़त्म हो जाते हैं और सिर्फ़ भाव बचता है, वही शब्दातिग का अनुभव है।
कब जपें
ॐChant during silent meditation, when words fail to express devotion, during mauna (silence) practice, or when studying the Upanishadic 'neti neti' (not this, not this).
और मोक्ष नाम
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