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ॐ उत्तारणाय नमः

उत्तारणः

Uttāraṇaḥ

Root: ud + tṛ (causal)

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The one who lifts beings across the ocean of worldly existence

जो संसार-सागर से पार उतारते हैं, भवसागर से तारने वाले

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

उत्तारण

one who causes to cross over, deliverer, saviour

पार कराने वाले, उद्धारक, तारनहार

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भवसागर (संसार-सागर) से पार उतरना भारतीय अध्यात्म का मूल लक्ष्य है। 'तारो मोहे श्याम' और 'भवसागर तारण कारण हे' जैसे भजन इसी भाव के हैं। उत्तारण भगवान वो नाविक हैं जो संसार की लहरों में डूबती आत्मा को पार ले जाते हैं। जब कोई गम्भीर संकट से बाहर निकलता है, दिवालिया होने के बाद वापसी करता है, या अवसाद से उबरता है, तो उत्तारण ने उसे पार किया।

When to Chant

कब जपें

Chant when drowning in problems, during bhav-sagar themed bhajans, when praying for deliverance, or when someone is going through a life crisis.

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