ॐ पुण्याय नमः
पुण्यः
Puṇyaḥ
Root: puṇya
अर्थ
The embodiment of sacred merit, supremely holy and purifying
स्वयं पुण्य का मूर्तिमान रूप, परम पवित्र और शुद्ध करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पुण्य
merit, holy, virtuous, sacred
पुण्य, पवित्र, धार्मिक
आधुनिक संदर्भ
भारत में हर अच्छे काम को 'पुण्य का काम' कहते हैं। गरीबों को खाना खिलाना पुण्य, बीमारों की सेवा पुण्य, मन्दिर बनवाना पुण्य। पुण्य भगवान स्वयं वो पवित्रता हैं जिससे सब पुण्य-कर्म निकलते हैं। पुष्कर, प्रयागराज, वाराणसी जैसे तीर्थ 'पुण्यभूमि' कहलाते हैं। लेकिन पुण्य भगवान जहाँ हैं, वहीं पुण्यभूमि बन जाती है। आपका पूजा-घर भी पुण्यभूमि है।
कब जपें
ॐChant when performing any virtuous act, during tirth-yatra, when consecrating a puja space, or when reflecting on the concept of punya in daily life.
और पवित्रता नाम
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