ॐ महोरगाय नमः
महोरगः
Mahoragaḥ
Root: mahā + uraga
अर्थ
The great serpent, lord of the cosmic Shesha Naga
महा-सर्प, शेषनाग के स्वामी जो ब्रह्माण्ड को धारण करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
महा
great
महान
उरग
serpent, one who moves on its chest
सर्प, उरग (छाती से चलने वाला)
आधुनिक संदर्भ
भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन करते हैं, यह सबसे प्रसिद्ध दिव्य छवि है। शेषनाग (अनन्त) के सहस्र फनों पर पृथ्वी टिकी है। नाग पंचमी पर सर्पों की पूजा, मणिपुर में नाग-नृत्य, और केरल में सर्प-कावु (सर्प-वाटिका) भारतीय संस्कृति में नाग-पूजा की गहरी जड़ें दिखाते हैं। महोरग भगवान वो हैं जो शेषनाग को भी अपना आसन बनाते हैं, सर्पों के भी स्वामी।
कब जपें
ॐChant on Nag Panchami, during Shesha Naga meditation, when studying Anantashayanam imagery, or when fear needs to be transformed into reverence.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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