ॐ मरीचये नमः
मरीचिः
Marīciḥ
Root: marīci
अर्थ
The ray of light, the shimmering divine particle of brilliance
प्रकाश की किरण, दिव्य तेज का चमकता कण
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
मरीचि
ray of light, particle of brilliance, mirage
प्रकाश किरण, तेज कण
आधुनिक संदर्भ
मरीचि ब्रह्मा के मानसपुत्रों (सप्तर्षियों) में से एक हैं। गीता (10.21) में कृष्ण कहते हैं 'मरीचिरस्मि मरुतामस्मि,' मरुतों (वायु-देवताओं) में मैं मरीचि हूँ। सुबह की पहली सूर्य-किरण जो अँधेरे कमरे में खिड़की से आती है, वो मरीचि है। ISRO जब इन्फ़्रारेड किरणों से ब्रह्माण्ड का अध्ययन करता है, तो वो मरीचि (किरणों) के माध्यम से ही भगवान के ब्रह्माण्ड को समझ रहे हैं।
कब जपें
ॐChant at dawn when the first light appears, during Gayatri recitation, when studying optics or light science, or during Gita Chapter 10 Vibhuti Yoga study.
और विद्या नाम
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