ॐ भुजगोत्तमाय नमः
भुजगोत्तमः
Bhujagottamaḥ
Root: bhujaga + uttama
अर्थ
The greatest of serpents, lord of Shesha and all nagas
सर्पों में सर्वश्रेष्ठ, शेषनाग और सभी नागों के स्वामी
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भुजग
serpent, snake
सर्प, नाग
उत्तम
best, greatest, supreme
सर्वश्रेष्ठ
आधुनिक संदर्भ
भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन करते हैं, लक्ष्मण शेषनाग के अवतार माने जाते हैं, और बलराम शेषनाग के ही रूप हैं। भुजगोत्तम भगवान सर्पों में सबसे श्रेष्ठ हैं। भारत में सर्प-पूजा की गहरी परम्परा है: नाग पंचमी पर दूध चढ़ाना, मणिपुर का नागा नृत्य, और केरल के सर्प-कावु। जैव-वैज्ञानिक दृष्टि से भी सर्प पारिस्थितिकी तन्त्र का अभिन्न अंग हैं।
कब जपें
ॐChant on Nag Panchami, during Shesha/Ananta worship, when studying the Naga mythology, or when ecological conservation of snake habitats is needed.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
← → arrow keys to navigate