ॐ अमृत्यवे नमः
अमृत्युः
Amṛtyuḥ
Root: a + mṛtyu
अर्थ
The deathless one, beyond the reach of mortality itself
जिन पर मृत्यु का कोई अधिकार नहीं, मृत्युंजय
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अ
without, beyond
बिना, परे
मृत्यु
death
मृत्यु
आधुनिक संदर्भ
मृत्यु मनुष्य का सबसे बड़ा भय है। महामृत्युंजय मन्त्र ('ॐ त्र्यम्बकं यजामहे') भारत में सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मन्त्रों में है। अमृत्यु भगवान वो हैं जिन पर मृत्यु नहीं आती, और जो भक्तों को भी मृत्यु-भय से मुक्त करते हैं। जब कोई ICU में है और परिवार प्रार्थना कर रहा है, तो वो अमृत्यु का आह्वान कर रहा है। गीता कहती है 'आत्मा अमर है,' अमृत्यु उसी अमरता का नाम है।
कब जपें
ॐChant during Mahamrityunjaya japa, when praying for someone critically ill, during discussions about mortality, or when studying the Gita's teachings on the immortal soul.
और मोक्ष नाम
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