ॐ सुरारिघ्ने नमः
सुरारिघ्नः
Surārighnaḥ
Root: sura + ari + han
अर्थ
The destroyer of the enemies of dharma and the divine order
देवताओं के शत्रुओं (अधर्मी असुरों) का संहार करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सुर
devas
देवता
अरि
enemy
शत्रु
घ्न
destroyer
संहारक
आधुनिक संदर्भ
सुरारिघ्न दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 235)। दशावतार की कथाओं में हर अवतार एक विशिष्ट 'सुर-अरि' (देवताओं के शत्रु) का नाश करता है। दोहराव इसलिए है कि अधर्मी शक्तियाँ हर युग में नई शक्ल में आती हैं और भगवान हर बार उनका नाश करते हैं। कलियुग में अधर्म सबसे सूक्ष्म रूप में है: डिजिटल धोखाधड़ी, फ़ेक न्यूज़, साइबर अपराध। लेकिन सुरारिघ्न आधुनिक असुरों को भी नष्ट करेंगे।
कब जपें
ॐChant during Dussehra, when facing modern threats (cyber, financial), during Dashavatar study, or when praying for the destruction of new-age adharma.
और संहार नाम
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