ॐ त्वष्ट्रे नमः
त्वष्टा
Tvaṣṭā
Root: tvaṣṭṛ
अर्थ
The divine craftsman who shapes every being with exquisite precision
दिव्य शिल्पी, जो हर प्राणी को सूक्ष्म सटीकता से गढ़ते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्वष्टा
divine craftsman, sculptor, one who shapes
दिव्य शिल्पी, मूर्तिकार, गढ़ने वाले
आधुनिक संदर्भ
त्वष्टा वैदिक देवता हैं जो इन्द्र का वज्र बनाते हैं और सृष्टि को 'तराशते' हैं। भारत में मूर्तिकार, लोहार, सुनार, और बढ़ई सब त्वष्टा की परम्परा के वाहक हैं। महाबलीपुरम की शिल्पकला, कोणार्क का पत्थर-कार्य, और तंजावुर की कांस्य-मूर्तियाँ त्वष्टा की कला के उदाहरण हैं। जब कोई शिल्पकार पत्थर से मूर्ति तराशता है, तो त्वष्टा उसके हाथों से काम कर रहे हैं।
कब जपें
ॐChant on Vishwakarma Puja, during craft-making, when visiting sculpture galleries, when artisanal skill inspires awe, or when hands create beauty from raw material.
और सृष्टि नाम
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