ॐ अच्युताय नमः
अच्युतः
Acyutaḥ
Root: a + cyut
अर्थ
The infallible one who never falls from His supreme position
जो कभी अपने सर्वोच्च स्थान से नहीं गिरते, अच्युत (अपतित)
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अ
not, never
नहीं, कभी नहीं
च्युत
fallen, lapsed, deviated
गिरा हुआ, भटका, विचलित
आधुनिक संदर्भ
अच्युत भगवान विष्णु/कृष्ण का सबसे आश्वासनकारी नाम है। गीता में अर्जुन बार-बार 'अच्युत' कहकर कृष्ण को बुलाता है। अच्युत = जो कभी नहीं गिरते, कभी विफल नहीं होते, कभी भूलते नहीं। जब भक्त निराश हो और सोचे 'भगवान ने मुझे भुला दिया,' तो अच्युत कहता है: 'मैं कभी नहीं गिरता, कभी नहीं भूलता, तुम्हें कभी नहीं छोड़ता।' यह सहस्रनाम का सबसे व्यक्तिगत आश्वासन है।
कब जपें
ॐChant when feeling abandoned, during Gita study (Arjuna's 'Achyuta!'), when trust in God wavers, during dark nights of the soul, or when the most personal divine assurance is needed.
और भक्ति नाम
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