ॐ चतुरात्मने नमः
चतुरात्मा
Caturātmā
Root: catur + ātman
अर्थ
The four-fold Self manifesting as the four divine vyuhas
चतुर्व्यूह (वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न, अनिरुद्ध) रूप में प्रकट
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चतुर्
four
चार
आत्मा
self, form
आत्मा, रूप
आधुनिक संदर्भ
पाञ्चरात्र दर्शन में भगवान विष्णु चार व्यूहों (forms) में प्रकट होते हैं: वासुदेव (चित्त/consciousness), संकर्षण (अहंकार/ego), प्रद्युम्न (मन/mind), अनिरुद्ध (बुद्धि/intellect)। चतुरात्मा इन चारों का एकीकृत रूप हैं। यह 'psychology meets theology' है: मन के चार पहलू भगवान के चार रूप हैं। जब कोई मनोवैज्ञानिक 'चेतना, अहंकार, मन, बुद्धि' का अध्ययन करता है, वो अनजाने में चतुरात्मा का अध्ययन कर रहा है।
कब जपें
ॐChant during Pancharatra study, when psychology and spirituality intersect, during four-vyuha meditation, or when the mind's architecture reveals divine design.
और विद्या नाम
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