ॐ विश्वभुजे नमः
विश्वभुक्
Viśvabhuk
Root: viśva + bhuj
अर्थ
The cosmic nourisher who feeds and sustains every being in creation
ब्रह्माण्डीय पोषक, जो सृष्टि के हर प्राणी का भरण-पोषण करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विश्व
universe, all
विश्व
भुक्
nourisher, sustainer
पोषक
आधुनिक संदर्भ
विश्वभुक् दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 457)। पहली बार मिड-डे मील और PDS राशन के संदर्भ में था। भारत में अन्न-सुरक्षा (food security) सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ी उपलब्धि दोनों है। PM-KISAN योजना 11 करोड़+ किसानों को सीधे पैसे देती है। विश्वभुक् का दोहराव कहता है: भगवान पूरे विश्व को खिलाते हैं, पहले चक्र में भी, तीसरे में भी। भूख का अन्त विश्वभुक् की इच्छा है।
कब जपें
ॐChant during annadaan, when supporting food-security programmes, before meals, or when the third-cycle Viśvabhuk confirms that divine feeding never stops.
और करुणा नाम
← → arrow keys to navigate