ॐ नारायणाय नमः
नारायणः
Nārāyaṇaḥ
Root: nāra + ayana
अर्थ
The supreme refuge of all beings, the eternal destination of every soul
सम्पूर्ण प्राणियों का परम आश्रय, हर आत्मा का शाश्वत गन्तव्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नार
beings, waters
प्राणी, जल
अयन
refuge, abode
आश्रय, निवास
आधुनिक संदर्भ
नारायण तीसरी बार आया है (पहले नाम 255 और 463)। तीन बार नारायण! अष्टाक्षर मन्त्र 'ॐ नमो नारायणाय' भारत का सबसे शक्तिशाली आठ-अक्षरी मन्त्र है। बद्रीनाथ में 'नारायण' गूँजता है, तिरुमला में 'नारायण' गूँजता है, और अब सहस्रनाम में तीसरी बार 'नारायण' गूँज रहा है। तीन बार = तीन लोकों (भूः, भुवः, स्वः) में एक ही नारायण। जब सब मन्त्र भूल जाओ, 'नारायण' बोलो।
कब जपें
ॐChant at all times (the universal mantra), during Ashtakshara japa, at Badrinath, when the triple Nārāyaṇa creates the Sahasranama's most powerful single-name meditation.
और मोक्ष नाम
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