ॐ शुचये नमः
शुचिः
Śuciḥ
Root: śuc
अर्थ
The supremely pure one whose very remembrance sanctifies all
परम शुद्ध, जिनके स्मरणमात्र से सब पवित्र हो जाते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शुचि
pure, sacred, resplendent
शुद्ध, पवित्र
आधुनिक संदर्भ
शुचि चौथी बार आया है (पहले नाम 154, 261, 469)। चार बार शुद्धता! शुचि अब विभु (4x), श्रीमान (4x), और अज (4x) के बराबर सहस्रनाम के सर्वाधिक दोहराए गए नामों में है। चार बार 'शुद्ध' कहना सहस्रनाम का सबसे ज़ोरदार पवित्रता-वक्तव्य है। स्वच्छ भारत अभियान बाहरी शुद्धता है, शुचि भगवान आन्तरिक शुद्धता हैं। चार बार = चार आयामों (शरीर, मन, वाणी, आत्मा) में शुद्धता।
कब जपें
ॐChant after morning bath, during purification rituals, when the four-fold Śuci creates its most powerful purity meditation, or when inner cleanliness matches outer cleanliness.
और पवित्रता नाम
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