ॐ विष्णवे नमः
विष्णुः
Viṣṇuḥ
Root: viṣ
अर्थ
The all-pervading Lord Vishnu Himself, whose name this entire Sahasranama bears
स्वयं सर्वव्यापी भगवान विष्णु, जिनके नाम पर यह सम्पूर्ण सहस्रनाम है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विष्णु
the all-pervading, the one who enters everything
सर्वव्यापी, जो सबमें प्रवेश करते हैं
आधुनिक संदर्भ
विष्णु! भगवान का स्वयं का नाम! सहस्रनाम का पूरा शीर्षक 'विष्णु सहस्रनाम' है और अब 657वें नाम पर स्वयं 'विष्णु' प्रकट हुए। यह वैसा ही है जैसे किसी पुस्तक का लेखक स्वयं उस पुस्तक में एक पात्र बनकर आ जाए। विष्णु = विष् (to pervade) + णु = 'जो सबमें व्याप्त हैं।' ऋग्वेद में विष्णु-सूक्त सबसे प्राचीन वैष्णव ग्रन्थ है। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' द्वादशाक्षर मन्त्र इसी विष्णु का है।
कब जपें
ॐChant as the LANDMARK name where the Lord enters His own text, during every Vishnu puja, when the twelve-syllable mantra is recited, or when the Author of 1000 names reveals His own name at number 657.
और भक्ति नाम
← → arrow keys to navigate