ॐ सहिष्णवे नमः
सहिष्णुः
Sahiṣṇuḥ
Root: sah
अर्थ
The infinitely patient one who endures every insult and every age
अनन्त धैर्यवान, जो हर अपमान और हर युग सहन करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सहिष्णु
patient, enduring, forbearing
सहनशील, धैर्यवान
आधुनिक संदर्भ
सहिष्णु चौथी बार आया है (पहले नाम 143, 275, 450)। चार बार सहनशीलता! यह अब विभु (4x), शुचि (4x), और आदित्य (4x) के बराबर है। भारत की 'सहिष्णु' (tolerant) सभ्यता इसी से निकली: सब धर्मों, भाषाओं, और जातियों को सहन करना। चार बार सहिष्णु = चार युगों (सत्य, त्रेता, द्वापर, कलि) में भगवान की सहनशीलता अपरिवर्तित। कलियुग में अधर्म बढ़ा है, लेकिन भगवान की सहनशीलता नहीं घटी।
कब जपें
ॐChant when patience is stretched to its limit, during the four-fold Sahiṣṇu meditation, when tolerance is tested, or when endurance needs divine reinforcement across all four yugas.
और करुणा नाम
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