ॐ प्राणदाय नमः
प्राणदः
Prāṇadaḥ
Root: prāṇa + dā
अर्थ
The generous giver of life-breath to every creature across all worlds
सभी लोकों में हर प्राणी को उदारतापूर्वक प्राणवायु देने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
प्राण
life-breath
प्राण
द
giver
देने वाले
आधुनिक संदर्भ
प्राणद दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 549)। पहली बार 'नवजात की पहली साँस' और CPR के संदर्भ में था। दोहराव 700 के बाद आकर कहता है: प्राण (breath) देना भगवान का सबसे निरन्तर कर्म है। पहले अर्ध में प्राण दिया, दूसरे अर्ध में भी दे रहे हैं। हर साँस = एक बार प्राणद की कृपा। एक दिन में 22,000+ बार साँस लेते हैं = 22,000+ बार प्राणद की कृपा।
कब जपें
ॐChant during pranayama, when breathing becomes conscious, during the double Prāṇada meditation, when CPR saves a life, or when 22,000 daily breaths become 22,000 thank-yous.
और सृष्टि नाम
← → arrow keys to navigate