ॐ भोक्त्रे नमः
भोक्ता
Bhoktā
Root: bhuj
अर्थ
The supreme experiencer who receives and savours every sincere offering
परम भोक्ता, जो हर सच्चे अर्पण को ग्रहण कर आनन्दित होते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भोक्ता
enjoyer, experiencer
भोगने वाले
आधुनिक संदर्भ
भोक्ता चौथी बार आया है (पहले नाम 142, 403, 449)। चार बार! भोक्ता अब विभु (4x), शुचि (4x), और धाता (4x) के बराबर सहस्रनाम के सर्वाधिक दोहराए गए नामों में है। चार बार 'भगवान भोगते हैं' = भगवान निष्क्रिय या उदासीन नहीं, सक्रिय रूप से भक्तों के अर्पण 'enjoy' करते हैं। जगन्नाथ पुरी का महाप्रसाद, तिरुपति का लड्डू, और घर का सादा नैवेद्य, सब भोक्ता भगवान 'खाते' हैं।
कब जपें
ॐChant while offering naivedya, during Jagannath Mahaprasad, when the four-fold Bhoktā creates its strongest 'God enjoys' declaration, or before every meal offered to the divine.
और भक्ति नाम
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