813
ॐ त्वष्ट्रे नमः
त्वष्टा
Tvaṣṭā
Root: tvaṣṭṛ
Creation·सृष्टि
Meaning
अर्थ
The divine craftsman who sculpts every being with exquisite artistic precision
दिव्य शिल्पी, जो हर प्राणी को उत्कृष्ट कलात्मक सटीकता से गढ़ते हैं
Word-by-Word Breakdown
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्वष्टा
divine craftsman, sculptor
दिव्य शिल्पी
Modern Context
आधुनिक संदर्भ
त्वष्टा दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 536)। पहली बार इन्द्र के वज्र, महाबलीपुरम की शिल्पकला, और तंजावुर कांस्य-मूर्तियों के संदर्भ में था। विश्वकर्मा-मनु-त्वष्टा त्रयी दोनों बार एक ही क्रम में आई है (534-536 और 811-813)। तीनों का दोहराव कहता है: रचना (विश्वकर्मा), विधि (मनु), और कला (त्वष्टा) तीनों भगवान के शाश्वत कर्म हैं।
When to Chant
कब जपें
ॐChant on Vishwakarma Puja, during craft-making, or when the triple architecture-law-art pair reconfirms.
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और सृष्टि नाम
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