ॐ प्राणाय नमः
प्राणः
Prāṇaḥ
Root: prāṇa
अर्थ
He who IS the life-breath itself, the vital consciousness animating every being
जो स्वयं प्राण हैं, हर प्राणी को सचेतन करने वाली जीवन-चेतना
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
प्राण
life-breath, vital force
प्राण, जीवन-शक्ति
आधुनिक संदर्भ
प्राण दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 550)। प्राणद-प्राण जोड़ी दोनों बार साथ आई है (549-550 और 826-827)। भगवान प्राण 'देते' (प्राणद) भी हैं और स्वयं 'प्राण' (प्राण) भी हैं। देने वाला और दिए जाने वाला दोनों एक ही हैं। प्रश्नोपनिषद पूरी तरह 'प्राण' पर केन्द्रित है। दोहराव कहता है: जीवन-शक्ति का स्रोत भगवान हैं, दोनों खण्डों में, दोनों चक्रों में।
कब जपें
ॐChant during Prashna Upanishad study, pranayama meditation, or when the difference between receiving life and being alive deepens.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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