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ॐ शर्वरीकराय नमः

शर्वरीकरः

Śarvarīkaraḥ

Root: śarvarī + kara

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The creator of night who draws the curtain of cosmic rest over weary creation

रात्रि के रचयिता, जो थकी सृष्टि पर ब्रह्माण्डीय विश्राम का पर्दा खींचते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शर्वरी

night

रात्रि

कर

maker, creator

रचयिता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शर्वरीकर तीसरी बार आया है (पहले नाम 307 और 489)। शिशिर-शर्वरीकर जोड़ी तीनों बार साथ आई है (306-307, 488-489, 840-841)। तीन बार! शीतलता (शिशिर) → रात (शर्वरीकर): ठण्डक के बाद अन्धकार। दोनों विश्राम के रूप हैं। भगवान सिर्फ़ 'जगाने' वाले नहीं, 'सुलाने' वाले भी हैं। रात भगवान का उपहार है, शाप नहीं। तीन चक्रों में तीन बार = शाश्वत रात्रि-निर्माण।

When to Chant

कब जपें

Chant before sleep, during the triple Shishira-Sharvarikara pair, or when night's sacred function is the meditation.

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