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ॐ सोमपाय नमः
सोमपः
Somapaḥ
Root: soma + pā
Devotion·भक्ति
Meaning
अर्थ
The drinker of the sacred Soma who receives and transforms every Vedic offering
पवित्र सोम-रस पीने वाले, जो हर वैदिक आहुति ग्रहण कर परिवर्तित करते हैं
Word-by-Word Breakdown
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सोम
Soma, sacred juice
सोम, पवित्र रस
प
drinker
पीने वाले
Modern Context
आधुनिक संदर्भ
सोमप दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 756)। पहली बार ऋग्वेद के सोम-रहस्य के संदर्भ में था। सहस्रनाम अन्त की ओर बढ़ रहा है और सोम-रस (Vedic ritual's most ancient offering) का दूसरी बार स्मरण ऋग्वैदिक जड़ों की पुनर्पुष्टि है। दोहराव कहता है: सहस्रनाम की जड़ें ऋग्वेद में हैं, शुरू से अन्त तक।
When to Chant
कब जपें
ॐChant during Vedic ritual study, on Somavar (Monday), or when the double Somapa reaffirms the Rig Vedic foundation.
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और भक्ति नाम
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