ॐ नित्यधर्माय नमः
नित्यधर्मः
Nityadharmaḥ
Root: nitya + dharma
अर्थ
He of eternal dharma, in whom righteousness is not an external rule but the permanent, intrinsic nature of His divine being
शाश्वत धर्म वाले, जिनमें धर्म बाहरी नियम नहीं बल्कि उनकी दिव्य सत्ता की स्थायी, अन्तर्निहित प्रकृति है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नित्य
eternal, permanent
नित्य, शाश्वत
धर्म
righteousness, inherent cosmic nature
धर्म, धर्मनिष्ठता
आधुनिक संदर्भ
नित्यधर्म की महान अन्तर्दृष्टि यह है कि धर्म अपनी गहरी परतों में एक नैतिक नुस्खा नहीं बल्कि अस्तित्वशास्त्रीय वर्णन है। जब भक्त सत्यपूर्वक और करुणामय रूप से कार्य करता है, वे प्रभु के नियमों का पालन नहीं कर रहे बल्कि प्रभु की अपनी प्रकृति के साथ अनुरणित हो रहे हैं। यह नैतिकता को दायित्व से अभिव्यक्ति में रूपान्तरित करता है।
कब जपें
ॐChant when the deeksha's ethical disciplines begin to feel less like rules and more like the natural expression of one's own deepest nature.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
← → arrow keys to navigate