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ॐ नित्यशुद्धाय नमः

नित्यशुद्धः

Nityaśuddhaḥ

Root: nitya + śuddha

Purity·पवित्रता
Meaning

अर्थ

He who is eternally pure, whose nature is unconditioned purity that no contact with the world can stain

शाश्वत रूप से शुद्ध, जिनकी प्रकृति अनुपाधिक शुद्धता है जिसे संसार के सम्पर्क से कोई दाग नहीं लग सकता

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

नित्य

eternal, always

नित्य, शाश्वत

शुद्ध

pure, clean, uncontaminated

शुद्ध, निर्मल, स्वच्छ

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अय्यप्पा दीक्षा जल से शुरू और समाप्त होती है: भक्त गुरु से माला प्राप्त करने से पहले अनुष्ठानिक स्नान करता है, और तीर्थयात्रा पम्पा नदी के स्नान में पराकाष्ठा पाती है। शोधक के रूप में जल केन्द्रीय है। लेकिन नित्यशुद्ध अनुष्ठानिक जल से परे उस सत्य की ओर इंगित करता है कि प्रभु की प्रकृति किसी कार्य से शुद्ध नहीं की जाती बल्कि शाश्वत, संरचनात्मक रूप से, अपरिवर्तनीय रूप से शुद्ध है। उनके नाम, रूप, कृपा के सम्पर्क से भक्त कुछ जोड़कर नहीं बल्कि यह प्रकट करके शुद्ध होता है जो हमेशा से था।

When to Chant

कब जपें

Chant during the daily cold bath of the deeksha period, the act of physical purification that mirrors inner purification. Also chant when feeling spiritually stained by the world.

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