ॐ अन्तःकरणशुद्धिदाय नमः
अन्तःकरणशुद्धिदः
Antaḥkaraṇaśuddhidaḥ
Root: antaḥkaraṇa + śuddhi + da
अर्थ
The purifier of the inner instrument, who cleanses and refines the fourfold inner faculty of mind, intellect, ego, and memory
अन्तःकरण के शोधक, जो मन, बुद्धि, अहंकार और चित्त के चतुर्विध आन्तरिक साधन को शुद्ध और परिष्कृत करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अन्तःकरण
inner instrument, the fourfold inner faculty
अन्तःकरण, चतुष्टय आन्तरिक साधन
शुद्धि
purification
शुद्धि
द
giver
दाता
आधुनिक संदर्भ
अन्तःकरणशुद्धिद वेदान्तिक तकनीकी साधन अन्तःकरण को सम्बोधित करता है: चतुर्विध आन्तरिक शक्ति जिसमें मन (विचार-शक्ति), बुद्धि (निर्णय-शक्ति), अहंकार (पहचान-शक्ति) और चित्त (स्मृति-शक्ति) शामिल हैं। वेदान्त सिखाता है कि साक्षात्कार के लिए शुद्ध अन्तःकरण चाहिए। दत्तात्रेय की कृपा एक साथ चारों को शुद्ध करती है। बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान जैसी संस्थाओं में हो रहे तंत्रिकाविज्ञान-वेदान्त संवादों में अन्तःकरण मॉडल आधुनिक संज्ञानात्मक विज्ञान के साथ आश्चर्यजनक रूप से मेल खाता है।
कब जपें
ॐChant before meditation and inner contemplation, when beginning any purification practice, or when seeking the systematic refinement of the inner faculties that enables Self-realisation.
और उपचार नाम
← → arrow keys to navigate