ॐ चन्द्रकान्तिधराय नमः
चन्द्रकान्तिधरः
Candrakāntidhāraḥ
Root: candra + kānti + dhāra
अर्थ
The bearer of lunar radiance, whose divine aura carries the cool, soothing, moonlike luminosity that calms all agitation
चन्द्र-कान्ति के धारक, जिनके दिव्य आभामण्डल में वह शीतल, सुखदायक, चन्द्रमा-सदृश आभा है जो सभी अशान्ति को शान्त करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चन्द्र
moon
चन्द्र, चन्द्रमा
कान्ति
radiance, lustre, beauty
कान्ति, चमक, सौन्दर्य
धार
bearer
धारक
आधुनिक संदर्भ
चन्द्रकान्तिधार दत्तात्रेय के चन्द्र आयाम को जागृत करता है। चन्द्रमा शैव (शिव अपनी जटाओं में अर्धचन्द्र धारण करते हैं) और वैष्णव दोनों परम्पराओं में प्राथमिक प्रतीक है। दत्तात्रेय का चन्द्र गुण उनकी कृपा का वह पहलू है जो सूजे हुए मन को शान्त करता है, अत्यधिक इच्छा को ठंडा करता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में मासिक पूर्णिमा दत्तात्रेय पूजा इस चन्द्र सम्बन्ध का उत्सव मनाती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा (दत्त जयन्ती) दत्त परम्परा में वर्ष का सबसे शुभ चन्द्र क्षण है।
कब जपें
ॐChant during evening puja when the moon rises, on Purnima (full moon) nights for Dattatreya worship, or when seeking the calming lunar quality of Dattatreya's presence to soothe agitation.
और उपचार नाम
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