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ॐ सर्वलक्षणलक्षिताय नमः

सर्वलक्षणलक्षितः

Sarvalakṣaṇalakṣitaḥ

Root: sarva + lakṣaṇa + lakṣita

Purity·पवित्रता
Meaning

अर्थ

The one bearing all auspicious marks, whose divine body carries every sign of perfection described in the sacred texts of divine form

सभी शुभ लक्षणों से युक्त, जिनका दिव्य शरीर दिव्य रूप के पवित्र शास्त्रों में वर्णित पूर्णता के हर चिह्न को वहन करता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

सर्व

all

सब

लक्षण

characteristic mark, auspicious sign

लक्षण

लक्षित

marked with, characterised by

लक्षित

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

सर्वलक्षणलक्षित दत्तात्रेय को सभी शुभ लक्षणों (लक्षणों) से युक्त नाम देता है। भारत की शास्त्रीय प्रतिमा-शास्त्रीय परम्परा में, लक्षण-शास्त्र एक दिव्य या सिद्ध प्राणी के 32 प्राथमिक लक्षणों को निर्दिष्ट करता है। गुरु चरित्र में नृसिंह सरस्वती के शारीरिक स्वरूप का वर्णन उनकी दिव्यता के प्रमाण के रूप में महापुरुष-लक्षणों पर जोर देता है। महाबलीपुरम और पुरी में नक्काशी स्कूलों में, सर्वलक्षणलक्षित दत्तात्रेय वह दिव्य संक्षिप्त विवरण है जिसे मूर्तिकार मूर्त रूप देने का प्रयास करते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when approaching Dattatreya's murti with appreciation for the iconographic marks that encode theological meaning, or when studying the lakshana-shastra tradition.

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