ॐ सुरतरवे नमः
सुरतरुः
Suratarūḥ
Root: sura + taru
अर्थ
The divine wish-fulfilling tree, who like Kalpavriksha grants every genuine wish to those who seek shelter beneath his branches
दिव्य कल्पवृक्ष, जो कल्पवृक्ष की तरह अपनी शाखाओं के नीचे आश्रय लेने वाले लोगों की हर वास्तविक इच्छा पूर्ण करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सुर
divine, celestial
सुर, दिव्य
तरु
tree
तरु, वृक्ष
आधुनिक संदर्भ
सुरतरु दत्तात्रेय को दिव्य वृक्ष (सुर-तरु) नाम देता है। वृक्ष भारत की आध्यात्मिक परम्परा में गुरु के लिए सबसे प्रिय रूपकों में से एक है। दत्त परम्परा में तीर्थस्थलों पर विशिष्ट वृक्षों की उपस्थिति दत्तात्रेय के सुरतरु गुण को भौतिक रूप से दृश्यमान बनाई गई मानी जाती है। भारत की वृक्ष-पूजा की पर्यावरणीय परम्परा इसी सिद्धान्त का सम्मान करती है।
कब जपें
ॐChant when approaching Dattatreya as the divine wish-fulfilling tree, seeking shelter beneath the canopy of his inexhaustible grace.
और समृद्धि नाम
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