ॐ सर्वप्राणिनां शरणाय नमः
सर्वप्राणिनां शरणः
Sarvaprāṇināṃ śaraṇāḥ
Root: sarva + prāṇin + śaraṇa
अर्थ
The refuge of all living beings, in whom every creature that draws breath finds the ultimate shelter that cannot be taken away
सभी जीवित प्राणियों की शरण, जिनमें हर श्वास लेने वाला प्राणी उस परम आश्रय को पाता है जिसे छीना नहीं जा सकता
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
प्राणी
living being, breathing creature
प्राणी
शरण
refuge, shelter
शरण
आधुनिक संदर्भ
सर्वप्राणिनां शरण दत्तात्रेय को सभी प्राणियों (शाब्दिक रूप से श्वास-धारक) की शरण नाम देता है। 'प्राणी' विशेष रूप से उन लोगों को अर्थ देता है जो श्वास लेते हैं। यह सबसे जैविक और सबसे तात्कालिक शरण घोषणाओं में से एक है। भारत की अहिंसा की सबसे गहरी अभिव्यक्ति में, सर्वप्राणिन-शरण दत्तात्रेय धर्मशास्त्रीय आधार हैं।
कब जपें
ॐChant as the universal refuge declaration: every breathing creature finds shelter in Dattatreya as the inescapable ground of all being.
और रक्षा नाम
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