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ॐ लोकनाथाय नमः

लोकनाथः

Lokānāthaḥ

Root: loka + nātha

Protection·रक्षा
Meaning

अर्थ

The lord of all worlds, the master and protector of every realm of existence

समस्त लोकों के नाथ, अस्तित्व के प्रत्येक क्षेत्र के स्वामी और संरक्षक

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

लोक

world, realm, plane of existence

लोक, अस्तित्व का क्षेत्र

नाथ

lord, master, protector

नाथ, स्वामी, रक्षक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

लोकनाथ दत्तात्रेय को समस्त लोकों का नाथ नाम देता है: हम जिस भौतिक संसार में रहते हैं, पितरों और प्रकृति-आत्माओं के सूक्ष्म लोक, और शुद्ध सम्भावना के कारण लोक। दत्तात्रेय द्वारा स्थापित नाथ सम्प्रदाय प्रत्येक प्रमुख शिक्षक के नाम में 'नाथ' (स्वामी) प्रत्यय लेता है: गोरखनाथ, मत्स्येन्द्रनाथ, जालन्धरनाथ। संस्थापक दत्तात्रेय लोकनाथ हैं: एक साथ सभी क्षेत्रों के स्वामी। गाँधी से लेकर पुणे और दिल्ली के आधुनिक एनजीओ तक, भारतीय सार्वजनिक विमर्श में केन्द्रीय 'लोक कल्याण' की अवधारणा में यह नाम दत्तात्रेय के आशीर्वाद को सार्वभौमिक दायरा देता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when praying for universal welfare, during Sarvaloka prayers, or when seeking the divine's blessing for all beings across all planes.

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