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ॐ शरणागतरक्षकाय नमः

शरणागतरक्षकः

Śaraṇāgatarakṣakaḥ

Root: śaraṇāgata + rakṣaka

Protection·रक्षा
Meaning

अर्थ

The protector of those who have taken refuge, the guardian who never abandons those who surrender to him

शरण में आने वालों के रक्षक, वह संरक्षक जो उन्हें कभी नहीं छोड़ते जो उनके चरणों में समर्पण करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शरणागत

one who has taken refuge, surrendered

शरणागत, शरण में आया हुआ

रक्षक

protector, guardian

रक्षक, संरक्षक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शरणागतरक्षक शरणागति (समर्पण/शरण) के सिद्धान्त का आवाहन करता है, वैष्णव धर्मशास्त्र की सबसे मूलभूत अवधारणा, इसे त्रिमूर्ति के रूप में दत्तात्रेय तक विस्तारित करते हुए। दत्त परम्परा में शरणागति सरल रूप में व्यक्त होती है: पूर्ण सच्चाई के साथ 'दत्त' पुकारना शरण के लिए पर्याप्त है। गुरु चरित्र में दर्जनों ऐसे उदाहरण हैं जहाँ नृसिंह सरस्वती उन भक्तों की रक्षा के लिए शारीरिक रूप में प्रकट हुए जिन्होंने उनकी शरण ली थी। जब सोलापुर या बीदर का भक्त भारी परिस्थिति का सामना करके 'दत्त, मैं समर्पण करता हूँ' कहता है, यही नाम वे पुकारते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when taking Dattatreya as one's refuge in times of crisis, during sharanagati practice, or when praying for protection of those who have surrendered to the divine.

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