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ॐ भक्ताभयप्रदाय नमः

भक्ताभयप्रदः

Bhaktābhayapradaḥ

Root: bhakta + abhaya + prada

Protection·रक्षा
Meaning

अर्थ

The giver of fearlessness to devotees, the one who removes all fear from the hearts of those who surrender to him

भक्तों को अभय देने वाले, शरण में आने वाले भक्तों के हृदय से सम्पूर्ण भय हरने वाले

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

भक्त

devotee

भक्त

अभय

fearlessness, refuge from fear

अभय, निर्भयता

प्रद

giver, bestower

देने वाले, प्रदाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भक्ताभयप्रद सबसे सार्वभौमिक मानवीय आवश्यकता से बोलता है: भय से मुक्ति। अभय मुद्रा (दाहिना हाथ उठाकर, हथेली बाहर की ओर, निर्भयता का संकेत) कई दत्तात्रेय मूर्तियों में दिखाई जाती है। भारत जैसे देश में जहाँ नौकरी, स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को लेकर चिन्ता तीव्र है, यह नाम तत्काल सान्त्वना देता है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और आन्ध्र के घरों में भोर में जपा जाने वाला दत्त स्तव समर्पण से शुरू होता है और अभय के वादे के साथ समाप्त होता है। हैदराबाद में जब कोई भक्त कानूनी लड़ाई का सामना करता है, भक्ताभयप्रद दत्तात्रेय उसके होठों पर सबसे पहला नाम है।

When to Chant

कब जपें

Chant during fearful situations, at moments of anxiety or uncertainty, or when the devotee surrenders completely and seeks Dattatreya's protective embrace.

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