Skip to main content
Chalisa

Kamalatmika Chalisa

कमलात्मिका चालीसा

The Kamalatmika Chalisa is a devotional hymn dedicated to Maa Kamalatmika, the lotus Mahavidya revered as Mahalakshmi, embodying auspicious prosperity, nourishment, beauty, ethical abundance, and divine grace. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

Deity: Kamalatmika
42 Verses
Traditional / Devotional Compilation
Friday · Full moon day

कमलात्मिका चालीसा माँ कमलात्मिका को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। वे कमल महाविद्या और महालक्ष्मी स्वरूपा हैं, जो शुभ समृद्धि, पोषण, सौंदर्य, धर्मयुक्त वैभव और दिव्य कृपा की प्रतीक हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

कमलात्मिका महालक्ष्मी, कमलासन सुखधाम। धन धान्य श्री देहु माँ, पूर्ण करो शुभ काम॥

kamalātmikā mahālakṣmī, kamalāsana sukhadhāma. dhana dhānya śrī dehu māṁ, pūrṇa karo śubha kāma.

अर्थ

हे कमलात्मिका महालक्ष्मी, कमलासन सुखधाम, धन, धान्य और श्री दें तथा शुभ काम पूर्ण करें।

Meaning

O Kamalatmika Mahalakshmi, lotus-seated abode of joy, grant wealth, grain, Shri, and fulfill auspicious wishes.

chaupai
Verse 2

जय जय कमला महालक्ष्मी। श्री समृद्धि की तुम अधिष्ठी॥

जय जय कमला महालक्ष्मी श्री समृद्धि की तुम अधिष्ठी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Kamala Mahalakshmi, presiding power of prosperity.

chaupai
Verse 3

कमलासन पर मातु विराजे। चार गज जलधारा साजे॥

कमलासन पर मातु विराजे चार गज जलधारा साजे

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

You sit on a lotus while elephants pour sacred water.

chaupai
Verse 4

स्वर्ण प्रभा तनु अति मनोहर। भक्त हृदय में भरो शुभाकर॥

स्वर्ण प्रभा तनु अति मनोहर भक्त हृदय में भरो शुभाकर

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Your golden radiance fills devotees’ hearts with auspiciousness.

chaupai
Verse 5

हाथ कमल वर अभय दिखाती। दरिद्र दुख सब दूर भगाती॥

हाथ कमल वर अभय दिखाती दरिद्र दुख सब दूर भगाती

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

With lotus, boon, and fearlessness, you remove poverty and sorrow.

chaupai
Verse 6

धन धान्य सुख तुमसे पावै। श्रीकृपा घर घर में आवै॥

धन धान्य सुख तुमसे पावै श्रीकृपा घर घर में आवै

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Through you come wealth, grain, happiness, and Shri’s grace.

chaupai
Verse 7

दस महाविद्या पूर्ण सुहानी। कृपा करौ कमला महारानी॥

दस महाविद्या पूर्ण सुहानी कृपा करौ कमला महारानी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

As the graceful Mahavidya Kamala, show compassion, O queen.

chaupai
Verse 8

लोभ नहीं सद्भाव सिखाओ। धन को सेवा पथ लगाओ॥

लोभ नहीं सद्भाव सिखाओ धन को सेवा पथ लगाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Teach goodwill, not greed; direct wealth toward service.

chaupai
Verse 9

अन्नपूर्णा भाव तुम्हारा। भूखे को दो अन्न सहारा॥

अन्नपूर्णा भाव तुम्हारा भूखे को दो अन्न सहारा

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Your Annapurna-like feeling gives food to the hungry.

chaupai
Verse 10

गृह में मंगल दीप जलाओ। कलेश दरिद्र्य दूर भगाओ॥

गृह में मंगल दीप जलाओ कलेश दरिद्र्य दूर भगाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Light auspiciousness at home and remove conflict and poverty.

chaupai
Verse 11

व्यापार में सत्य बसाओ। लाभ को धर्म से मिलवाओ॥

व्यापार में सत्य बसाओ लाभ को धर्म से मिलवाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Place truth in business and unite profit with dharma.

chaupai
Verse 12

विद्या संग धन शुभ हो जाता। मूर्ख धन फिर दुख कहलाता॥

विद्या संग धन शुभ हो जाता मूर्ख धन फिर दुख कहलाता

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Wealth with wisdom becomes auspicious; foolish wealth brings sorrow.

chaupai
Verse 13

मातु तुम्हारी कृपा जो पावे। जीवन में संतुलन आ जावे॥

मातु तुम्हारी कृपा जो पावे जीवन में संतुलन आ जावे

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

One who receives your grace gains balance in life.

chaupai
Verse 14

रत्न मुकुट और भूषण भारी। फिर भी करुणा सरल तुम्हारी॥

रत्न मुकुट और भूषण भारी फिर भी करुणा सरल तुम्हारी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Though crowned with jewels, your compassion remains simple.

chaupai
Verse 15

कुटुम्ब सुख समृद्धि दिलाओ। आपस प्रेम सदा बढ़ाओ॥

कुटुम्ब सुख समृद्धि दिलाओ आपस प्रेम सदा बढ़ाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Grant family happiness and increase mutual love.

chaupai
Verse 16

ऋण भार से मुक्ति कराओ। सदुपार्जन का मार्ग दिखाओ॥

ऋण भार से मुक्ति कराओ सदुपार्जन का मार्ग दिखाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Free us from debt and show the path of ethical earning.

chaupai
Verse 17

नारी सौभाग्य तुमसे पावे। घर में लक्ष्मी भाव जगावे॥

नारी सौभाग्य तुमसे पावे घर में लक्ष्मी भाव जगावे

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Women receive fortune through you and awaken Lakshmi energy at home.

chaupai
Verse 18

शिशु वृद्ध सबको सुख देना। अन्न जल औषधि भर देना॥

शिशु वृद्ध सबको सुख देना अन्न जल औषधि भर देना

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Give comfort to children and elders, filling food, water, and medicine.

chaupai
Verse 19

धरती में उपजाऊ शक्ति। तुमसे होती लोक समृद्धि॥

धरती में उपजाऊ शक्ति तुमसे होती लोक समृद्धि

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

The earth’s fertility and public prosperity arise through you.

chaupai
Verse 20

मेघ बरसें खेत लहलहाए। किसान हृदय आनंद मनाए॥

मेघ बरसें खेत लहलहाए किसान हृदय आनंद मनाए

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Clouds rain, fields flourish, and farmers rejoice.

chaupai
Verse 21

कर्मठता का वर दीजै। आलस दरिद्र्य हर लीजै॥

कर्मठता का वर दीजै आलस दरिद्र्य हर लीजै

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Grant industriousness and remove laziness and poverty.

chaupai
Verse 22

सौंदर्य में शील बसाओ। वैभव में विनय दिलाओ॥

सौंदर्य में शील बसाओ वैभव में विनय दिलाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Place virtue in beauty and humility in grandeur.

chaupai
Verse 23

भोग को योग बना दो माता। संसार बने सेवा गाथा॥

भोग को योग बना दो माता संसार बने सेवा गाथा

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Turn enjoyment into yoga and worldly life into service.

chaupai
Verse 24

श्रीसूक्त की तुम हो धारा। वेद वाणी का अमृत प्यारा॥

श्रीसूक्त की तुम हो धारा वेद वाणी का अमृत प्यारा

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

You are the flow of Shri Sukta and nectar of Vedic speech.

chaupai
Verse 25

कुबेर भी तुमको नित ध्यावें। धनाध्यक्ष पद तुमसे पावें॥

कुबेर भी तुमको नित ध्यावें धनाध्यक्ष पद तुमसे पावें

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Even Kubera meditates on you and receives stewardship of wealth.

chaupai
Verse 26

विष्णु प्रिया कमला भवानी। पालन शक्ति जगत कल्याणी॥

विष्णु प्रिया कमला भवानी पालन शक्ति जगत कल्याणी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Beloved of Vishnu, Kamala Bhavani, you are the nourishing power of the world.

chaupai
Verse 27

दान भाव हृदय में दाओ। संचय मोह दूर भगाओ॥

दान भाव हृदय में दाओ संचय मोह दूर भगाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Give generosity and remove hoarding attachment.

chaupai
Verse 28

धन आए तो धर्म बढ़े माँ। अहंकार न मन में चढ़े माँ॥

धन आए तो धर्म बढ़े माँ अहंकार न मन में चढ़े माँ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

When wealth comes, may dharma grow and ego not rise.

chaupai
Verse 29

भक्त शरण में जो भी आवै। कमला उसको कष्ट भुलावै॥

भक्त शरण में जो भी आवै कमला उसको कष्ट भुलावै

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever comes to your refuge is relieved of suffering.

chaupai
Verse 30

रत्नाकर से श्री निकली। जग में शुभता फिर से फूटी॥

रत्नाकर से श्री निकली जग में शुभता फिर से फूटी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

From the ocean emerged Shri, and auspiciousness blossomed in the world.

chaupai
Verse 31

समुद्र मंथन की तुम रानी। देव असुर सबने पहचानी॥

समुद्र मंथन की तुम रानी देव असुर सबने पहचानी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

You are the queen of the ocean-churning, recognized by gods and asuras.

chaupai
Verse 32

कमल पत्र सा निर्मल रहना। जल में रहकर अलिप्त ही बहना॥

कमल पत्र सा निर्मल रहना जल में रहकर अलिप्त ही बहना

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Teach us to live like a lotus leaf, in water yet unattached.

chaupai
Verse 33

शरण तुम्हारी मन को भाती। कठिन गरीबी दूर हो जाती॥

शरण तुम्हारी मन को भाती कठिन गरीबी दूर हो जाती

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Your refuge pleases the mind and removes harsh poverty.

chaupai
Verse 34

स्वर्ण नहीं बस सद्गुण देना। धन को शुभ उपयोग में लेना॥

स्वर्ण नहीं बस सद्गुण देना धन को शुभ उपयोग में लेना

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Give virtues beyond gold and teach proper use of wealth.

chaupai
Verse 35

जप तप सेवा फल दिलाओ। सद्भावना से गृह सजाओ॥

जप तप सेवा फल दिलाओ सद्भावना से गृह सजाओ

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Reward japa, tapas, and service; decorate the home with goodwill.

chaupai
Verse 36

नव निधि अष्ट सिद्धि दात्री। कमला तुम भव पार त्रात्री॥

नव निधि अष्ट सिद्धि दात्री कमला तुम भव पार त्रात्री

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Giver of nine treasures and eight siddhis, Kamala carries across the world.

chaupai
Verse 37

जो चालीसा प्रेम से गावे। धन्य जीवन श्रीमय पावे॥

जो चालीसा प्रेम से गावे धन्य जीवन श्रीमय पावे

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings this with love receives a blessed, Shri-filled life.

chaupai
Verse 38

हृदय कमल में आसन धरना। सदा कृपा से पालन करना॥

हृदय कमल में आसन धरना सदा कृपा से पालन करना

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Take a seat in the heart-lotus and nurture us with grace.

chaupai
Verse 39

अंत समय हरि नाम दिलाना। विष्णु धाम में स्थान दिलाना॥

अंत समय हरि नाम दिलाना विष्णु धाम में स्थान दिलाना

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, grant Hari’s name and a place in Vishnu’s abode.

chaupai
Verse 40

जय कमलात्मिका सुखकारी। रक्षा करो जगत महतारी॥

जय कमलात्मिका सुखकारी रक्षा करो जगत महतारी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Kamalatmika, giver of happiness; protect the world, Great Mother.

chaupai
Verse 41

महालक्ष्मी मातु हमारी। कृपा करो श्री वर्षा भारी॥

महालक्ष्मी मातु हमारी कृपा करो श्री वर्षा भारी

अर्थ

यह पद कमलात्मिका माता की श्री, समृद्धि, करुणा, सेवा और संतुलित वैभव का स्मरण करता है।

Meaning

O Mahalakshmi, our Mother, shower abundant Shri.

doha closing
Verse 42

कमला मातु कृपा करो, दो श्री शुभ विस्तार। धन को धर्ममय कर दो, जीवन भव से पार॥

kamalā mātu kṛpā karo, do śrī śubha vistāra. dhana ko dharmamaya kara do, jīvana bhava se pāra.

अर्थ

हे कमला माता, श्री का शुभ विस्तार दें। धन को धर्ममय बनाकर जीवन को भव से पार करें।

Meaning

O Mother Kamala, grant graceful expansion of Shri. Make wealth dharmic and carry life beyond worldly bondage.

Kamalatmika Chalisa

Traditional / Devotional Compilation

0:00
0:00
Share
🕉️

Best Time to Recite

FridayFull moon dayDiwaliLakshmi PujaDuring Kamalatmika or Mahalakshmi upasana
← All Mantras & Stotrams

Community Reflections

🕉️

Be the first to share your reflection.