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Chalisa

Khatu Shyam Chalisa

खाटू श्याम चालीसा

The Khatu Shyam Chalisa is a devotional hymn dedicated to Shri Khatu Shyam Ji, the Kali Yuga form of Barbarik, the great donor of his head, revered as Haare Ka Sahara, the support of the defeated and distressed. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

Deity: Khatu_shyam
42 Verses
Traditional / Devotional Compilation
Ekadashi · Phalgun Mela period

खाटू श्याम चालीसा श्री खाटू श्याम जी को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। वे कलियुग में बर्बरीक स्वरूप, महान शीशदानी और हारे का सहारा माने जाते हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

जय श्री श्याम खाटू धणी, शीश दानी सरकार। हारे का सहारा बनो, करो भव से पार॥

jaya śrī śyāma khāṭū dhaṇī, śīśa dānī sarakāra. hāre kā sahārā bano, karo bhava se pāra.

अर्थ

जय श्री श्याम खाटू धणी, शीश दानी सरकार। हारे का सहारा बनकर हमें भव से पार करें।

Meaning

Glory to Shri Shyam, Lord of Khatu, the noble giver of his head. Become the support of the defeated and carry us across worldly existence.

chaupai
Verse 2

जय जय श्याम खाटू वाले। भक्तन के तुम रखवाले॥

जय जय श्याम खाटू वाले भक्तन के तुम रखवाले

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Shyam of Khatu, protector of devotees.

chaupai
Verse 3

बर्बरीक वीर नाम तुम्हारा। तीन बाण का तेज अपारा॥

बर्बरीक वीर नाम तुम्हारा तीन बाण का तेज अपारा

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

You were the heroic Barbarik, wielder of three mighty arrows.

chaupai
Verse 4

भीम घटोत्कच वंश उजियारा। वीर कुलों का गौरव प्यारा॥

भीम घटोत्कच वंश उजियारा वीर कुलों का गौरव प्यारा

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

You shine in the lineage of Bhima and Ghatotkacha.

chaupai
Verse 5

माँ अहिलावती के दुलारे। बालक से ही वीर तुम्हारे॥

माँ अहिलावती के दुलारे बालक से ही वीर तुम्हारे

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Beloved of Mother Ahilavati, heroic from childhood.

chaupai
Verse 6

तीन बाण की अद्भुत लीला। एक से जग का लक्ष्य न मीला॥

तीन बाण की अद्भुत लीला एक से जग का लक्ष्य न मीला

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your three arrows held wondrous power over the battlefield.

chaupai
Verse 7

कृष्ण मिले ब्राह्मण बन आके। वीर हृदय को परख दिखाके॥

कृष्ण मिले ब्राह्मण बन आके वीर हृदय को परख दिखाके

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Krishna came disguised as a Brahmin to test your heroic heart.

chaupai
Verse 8

दान माँग लिया शीश तुम्हारा। तुमने हँसकर दिया सहारा॥

दान माँग लिया शीश तुम्हारा तुमने हँसकर दिया सहारा

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

He asked for your head, and you gave it smiling.

chaupai
Verse 9

शीश दान कर धर्म निभाया। कलियुग में श्याम नाम पाया॥

शीश दान कर धर्म निभाया कलियुग में श्याम नाम पाया

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

By donating your head, you upheld dharma and received the name Shyam in Kali Yuga.

chaupai
Verse 10

महाभारत रण देखन पाए। शीश शिखर पर आप चढ़ाए॥

महाभारत रण देखन पाए शीश शिखर पर आप चढ़ाए

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your head was placed high to witness the Mahabharata war.

chaupai
Verse 11

देखा तुमने कृष्ण सहारा। सबमें लीला उन्हीं की धारा॥

देखा तुमने कृष्ण सहारा सबमें लीला उन्हीं की धारा

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

You saw Krishna as the true support and source of every action.

chaupai
Verse 12

हारे का सहारा कहलाए। दीन दुखी को गले लगाए॥

हारे का सहारा कहलाए दीन दुखी को गले लगाए

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

You are called the support of the defeated and embrace the distressed.

chaupai
Verse 13

खाटू नगरी धाम तुम्हारा। राजस्थान में प्रेम अपारा॥

खाटू नगरी धाम तुम्हारा राजस्थान में प्रेम अपारा

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Khatu is your sacred abode in Rajasthan, full of devotion.

chaupai
Verse 14

श्याम कुंड में कृपा समाई। डूबी श्रद्धा फल ले आई॥

श्याम कुंड में कृपा समाई डूबी श्रद्धा फल ले आई

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your grace dwells in Shyam Kund; faith immersed there bears fruit.

chaupai
Verse 15

फाल्गुन मेला शोभा भारी। जयकारा गूँजे नर नारी॥

फाल्गुन मेला शोभा भारी जयकारा गूँजे नर नारी

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

The Phalgun fair is glorious, with devotees singing your praise.

chaupai
Verse 16

निशान चढ़े श्रद्धा से प्यारे। मनोकामना पूर्ण तुम्हारे॥

निशान चढ़े श्रद्धा से प्यारे मनोकामना पूर्ण तुम्हारे

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Sacred flags are offered with devotion, and wishes are fulfilled.

chaupai
Verse 17

खाटू श्याम नाम जो गावे। दुख का बादल दूर भगावे॥

खाटू श्याम नाम जो गावे दुख का बादल दूर भगावे

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

One who sings Khatu Shyam’s name drives away clouds of sorrow.

chaupai
Verse 18

मोर मुकुट सिर शोभा पावे। श्याम सूरत मन को भावे॥

मोर मुकुट सिर शोभा पावे श्याम सूरत मन को भावे

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your peacock crown shines, and your dark-beautiful form enchants hearts.

chaupai
Verse 19

नीले घोड़े पर चढ़ आते। भक्त पुकार तुरत सुन जाते॥

नीले घोड़े पर चढ़ आते भक्त पुकार तुरत सुन जाते

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

You arrive on the blue horse and quickly hear devotees’ calls.

chaupai
Verse 20

लाखों भक्त दरस को आवें। श्याम कृपा से सुख फल पावें॥

लाखों भक्त दरस को आवें श्याम कृपा से सुख फल पावें

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Millions come for darshan and receive happiness by your grace.

chaupai
Verse 21

रोते मन को हँसना सिखाओ। हारे जीवन में जीत दिलाओ॥

रोते मन को हँसना सिखाओ हारे जीवन में जीत दिलाओ

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Teach crying hearts to smile and bring victory to defeated lives.

chaupai
Verse 22

नौकरी व्यापार सुधराओ। परिवार में प्रेम बढ़ाओ॥

नौकरी व्यापार सुधराओ परिवार में प्रेम बढ़ाओ

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Improve work, business, and family love.

chaupai
Verse 23

ऋण संकट सब दूर कराओ। सच्चा श्रम फलदायक बनाओ॥

ऋण संकट सब दूर कराओ सच्चा श्रम फलदायक बनाओ

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Remove debt and crisis, and make honest effort fruitful.

chaupai
Verse 24

बाँझ हृदय में आशा देना। सूने घर में हँसी भर देना॥

बाँझ हृदय में आशा देना सूने घर में हँसी भर देना

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Give hope to barren hearts and laughter to empty homes.

chaupai
Verse 25

रोगी को आराम दिलाना। चिंतित मन को धैर्य सिखाना॥

रोगी को आराम दिलाना चिंतित मन को धैर्य सिखाना

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Give relief to the sick and patience to worried minds.

chaupai
Verse 26

जो श्याम रसोई करवाए। भूखे जन में प्रभु मुस्काए॥

जो श्याम रसोई करवाए भूखे जन में प्रभु मुस्काए

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

One who serves food in Shyam’s name sees God smile in the hungry.

chaupai
Verse 27

कीर्तन में जो नाम सुनावे। उस घर आनंद दीप जलावे॥

कीर्तन में जो नाम सुनावे उस घर आनंद दीप जलावे

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Where your name is sung in kirtan, joy lights the home.

chaupai
Verse 28

एकादशी का व्रत जो करई। श्याम कृपा जीवन में भरई॥

एकादशी का व्रत जो करई श्याम कृपा जीवन में भरई

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

One who observes Ekadashi with devotion receives Shyam’s grace.

chaupai
Verse 29

कठिन समय जब साथ न कोई। श्याम सहारा बनते सोई॥

कठिन समय जब साथ न कोई श्याम सहारा बनते सोई

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

When no one stands in difficult times, Shyam becomes support.

chaupai
Verse 30

अभिमान का बोझ उतारो। सेवा भाव हृदय में धारो॥

अभिमान का बोझ उतारो सेवा भाव हृदय में धारो

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Remove the burden of ego and place service in the heart.

chaupai
Verse 31

कृष्ण कृपा तुममें समाई। श्याम भक्ति जग में छाई॥

कृष्ण कृपा तुममें समाई श्याम भक्ति जग में छाई

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Krishna’s grace lives in you, and Shyam devotion spreads through the world.

chaupai
Verse 32

सच्चे प्रेम से शीश झुकाऊँ। तेरे चरणन शरण में आऊँ॥

सच्चे प्रेम से शीश झुकाऊँ तेरे चरणन शरण में आऊँ

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

I bow my head with true love and come to your refuge.

chaupai
Verse 33

भक्तों के तुम काज सँवारो। अंधियारे में दीपक धारो॥

भक्तों के तुम काज सँवारो अंधियारे में दीपक धारो

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

You refine devotees’ works and hold a lamp in darkness.

chaupai
Verse 34

कष्टों का जब सागर छाए। श्याम नाव बन पार लगाए॥

कष्टों का जब सागर छाए श्याम नाव बन पार लगाए

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

When an ocean of troubles rises, Shyam becomes the boat.

chaupai
Verse 35

माता पिता का मान बढ़ाओ। संतान को सदमार्ग दिखाओ॥

माता पिता का मान बढ़ाओ संतान को सदमार्ग दिखाओ

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Increase honor for parents and guide children toward the right path.

chaupai
Verse 36

दीनन की पुकार सुनो रे। सूखे नयन सुधा से भरो रे॥

दीनन की पुकार सुनो रे सूखे नयन सुधा से भरो रे

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Hear the call of the poor and fill dry eyes with nectar.

chaupai
Verse 37

जो चालीसा प्रेम से गावे। श्याम सहारा शीघ्र ही पावे॥

जो चालीसा प्रेम से गावे श्याम सहारा शीघ्र ही पावे

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings this with love quickly receives Shyam’s support.

chaupai
Verse 38

अंत समय श्याम नाम आए। कृष्ण चरण में जीव समाए॥

अंत समय श्याम नाम आए कृष्ण चरण में जीव समाए

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, may Shyam’s name arise and the soul rest at Krishna’s feet.

chaupai
Verse 39

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। श्याम प्रभु सब काज सँवारें॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें श्याम प्रभु सब काज सँवारें

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Devotees behold your feet; Shyam Prabhu improves all works.

chaupai
Verse 40

जय खाटू धणी लखदातार। रक्षा करो हारे के सरकार॥

जय खाटू धणी लखदातार रक्षा करो हारे के सरकार

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Khatu Dhani, generous giver; protect us, Lord of the defeated.

chaupai
Verse 41

जय श्री श्याम दयालु दाता। कृपा करो जीवन सुखदाता॥

जय श्री श्याम दयालु दाता कृपा करो जीवन सुखदाता

अर्थ

यह पद खाटू श्याम जी की करुणा, शीशदान, कृष्णकृपा, हारे के सहारे और भक्त-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Shri Shyam, compassionate giver, grant happiness in life.

doha closing
Verse 42

खाटू श्याम दयालु प्रभु, सुन लो विनय पुकार। हारे का सहारा बनो, भर दो प्रेम अपार॥

khāṭū śyāma dayālu prabhu, suna lo vinaya pukāra. hāre kā sahārā bano, bhara do prema apāra.

अर्थ

हे दयालु खाटू श्याम प्रभु, यह विनय पुकार सुनें। हारे का सहारा बनकर अपार प्रेम भर दें।

Meaning

O compassionate Khatu Shyam, hear this humble call. Become the support of the defeated and fill life with boundless love.

Khatu Shyam Chalisa

Traditional / Devotional Compilation

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