ॐ सर्वलोकनमस्कृताय नमः
सर्वलोकनमस्कृतः
Sarvalokanamaskṛtaḥ
Root: sarva + loka + namas + kṛta
अर्थ
He who is saluted by all the worlds, before whom every being in every realm of existence bows in reverence
सभी लोकों द्वारा नमस्कृत, जिनके समक्ष अस्तित्व के हर लोक में हर प्राणी श्रद्धा से नतमस्तक है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
लोक
world, realm
लोक, संसार
नमस्कृत
saluted, bowed to
नमस्कृत, नमन-प्राप्त
आधुनिक संदर्भ
अय्यप्पा परम्परा अपनी दक्षिण भारतीय मातृभूमि से बहुत आगे फैल चुकी है। संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, मलेशिया, सिंगापुर, खाड़ी राज्यों और ऑस्ट्रेलिया में प्रवासी समुदाय अय्यप्पा मन्दिर बनाए रखते हैं और दीक्षा करते हैं। शबरीमला सीजन में, विश्वभर में तमिल, मलयालम और तेलुगु-भाषी समुदाय सामूहिक पूजाएँ, भजन सत्र और आभासी जुलूस आयोजित करते हैं। सर्वलोकनमस्कृत अब भौगोलिक रूप से शाब्दिक है: प्रभु पृथ्वी के हर आबाद महाद्वीप से नमस्कार पाते हैं।
कब जपें
ॐChant when joining the vast collective of Ayyappa devotees worldwide, recognising that the namaskara offered here joins an infinite chorus of reverence from every realm.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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