ॐ शान्तस्वरूपिणे नमः
शान्तस्वरूपी
Śāntasvarūpiṇaḥ
Root: śānta + svarūpin
अर्थ
He whose very form is peace, in whom serenity is not a cultivated quality but the intrinsic nature of the divine self
जिनका स्वरूप शान्ति है, जिनमें शान्ति कोई विकसित गुण नहीं बल्कि दिव्य आत्मा की अन्तर्निहित प्रकृति है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शान्त
peaceful, serene, tranquil
शान्त, प्रशान्त, निस्तब्ध
स्वरूपी
whose form is, embodiment of
स्वरूपी, जिसका स्वरूप है
आधुनिक संदर्भ
भारतीय शास्त्रीय सौन्दर्यशास्त्र में 'शान्त रस' नौ रसों में नवाँ और सर्वोच्च है: शान्ति का रस, निस्तब्धता का सौन्दर्यशास्त्र, समस्त क्षोभ से मुक्ति का भावनात्मक स्वर। शान्तस्वरूपी प्रभु को इस उच्चतम रस के जीवित अवतार के रूप में नाम देता है। गर्भगृह की मूर्ति से लेकर बेंगलुरु के ऑटो-चालक के वाहन में पोस्टर तक, हर अय्यप्पा छवि इस गुणवत्ता को विकीर्ण करती है। इसीलिए सबसे अशान्त जीवन से आने वाले तीर्थयात्री अय्यप्पा मन्दिर में प्रवेश करते ही महसूस करते हैं कि एक अलग वातावरण में प्रवेश हो गया। शान्ति का रूप पहले से उपस्थित है; भक्त बस उसमें कदम रखता है।
कब जपें
ॐChant when carrying the Ayyappa image in mental visualization during difficult circumstances, allowing the Lord's natural peace to saturate the mind that holds Him.
और पवित्रता नाम
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