ॐ नित्यसत्याय नमः
नित्यसत्यः
Nityasatyaḥ
Root: nitya + satya
अर्थ
The eternally true one, whose truthfulness is not a practised virtue but the inherent and permanent nature of the divine self
शाश्वत सत्य, जिनकी सत्यता कोई अभ्यस्त सद्गुण नहीं बल्कि दिव्य आत्मा की अन्तर्निहित और स्थायी प्रकृति है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नित्य
eternal, permanent
नित्य, शाश्वत
सत्य
truth, truthfulness
सत्य, सच्चाई
आधुनिक संदर्भ
नित्यसत्य सत्य को प्रभु की अपनी प्रकृति के रूप में स्थापित करता है, न कि उनके द्वारा बाहरी रूप से लागू किए गए नियम के रूप में। यह दार्शनिक रूप से महत्त्वपूर्ण है: इसका अर्थ है कि ब्रह्माण्ड की सबसे गहरी संरचना सत्यवादी है, कि वास्तविकता अन्ततः एक झूठ को टिकाए नहीं रख सकती। वैदिक समझ 'सत्यमेव जयते', सत्य ही विजयी होता है, इसी विश्वास पर आधारित है। उस दीक्षा भक्त के लिए जो ४१ दिनों तक सत्यवाचन का अभ्यास करता है, अनुभव अक्सर यह प्रकट करता है कि सामान्य सामाजिक जीवन कितना छोटे रणनीतिक असत्यों पर चलता है। नित्यसत्य उस जीवन बनाने का आमन्त्रण है जिसे उन छोटे विकृतियों की आवश्यकता नहीं, क्योंकि प्रभु की अपनी प्रकृति सत्य का समर्थन करती है।
कब जपें
ॐChant when the deeksha vow of satya-vachan (truthful speech) is being tested by social pressure. The Lord whose nature is eternally truth is available to strengthen the devotee's own commitment.
और पवित्रता नाम
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