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ॐ चतुःश्वानपरिवृताय नमः

चतुःश्वानपरिवृतः

Catuḥśvānaparivṛtaḥ

Root: catuḥ + śvāna + parivṛta

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

The one surrounded by four dogs, accompanied by the four faithful hounds representing the four Vedas

चार कुत्तों से घिरे हुए, चार वेदों का प्रतिनिधित्व करने वाले चार विश्वासपात्र श्वानों के साथ

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

चतुः

four

चार

श्वान

dog

कुत्ता, श्वान

परिवृत

surrounded by

परिवेष्टित

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

दत्तात्रेय के चरणों में चार कुत्ते शायद उनकी प्रतिमा-शास्त्र का सबसे विशिष्ट और सबसे क्रान्तिकारी तत्त्व हैं। हिन्दू देवमण्डल में कोई अन्य प्रमुख देवता कुत्तों को अपने स्थायी साथी के रूप में नहीं दर्शाता। ब्राह्मणिक परम्परा में कुत्ते कर्मकाण्डीय दृष्टि से अशुद्ध हैं, फिर भी दत्तात्रेय उन्हें अपना निकटतम साथी चुनते हैं। पुणे, चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों में जहाँ 'आवारा कुत्ते' कल्याण एक सामाजिक मुद्दा बन गया है, दत्तात्रेय का कुत्तों के साथ सहचर्य एक शक्तिशाली समसामयिक प्रतिध्वनि रखता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when reflecting on the teaching of loyalty and companionship, or at the iconic Dattatreya murti which always shows four dogs at his feet. Also meaningful for those who care for street dogs.

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