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ॐ चित्तशुद्धिप्रदाय नमः

चित्तशुद्धिप्रदः

Cittaśuddhipradaḥ

Root: citta + śuddhi + prada

Healing·उपचार
Meaning

अर्थ

The giver of mental purification, whose grace cleanses the mind of accumulated vasanas and prepares it for Self-realisation

मानसिक शुद्धि के दाता, जिनकी कृपा मन को संचित वासनाओं से शुद्ध करती और उसे आत्म-साक्षात्कार के लिए तैयार करती है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

चित्त

mind-stuff, the mental field

चित्त, मानस-क्षेत्र

शुद्धि

purification, cleansing

शुद्धि, शोधन

प्रद

giver, bestower

दाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

चित्तशुद्धिप्रद दत्तात्रेय को मानस-क्षेत्र के शोधक नाम देता है। वेदान्त में चित्त-शुद्धि (मन की शुद्धि) आत्म-साक्षात्कार की पूर्व-आवश्यकता है: विक्षिप्त, अशान्त या अशुद्ध मन अपनी स्वयं की अनन्त प्रकृति की पहचान नहीं रख सकता। दत्तात्रेय की कृपा विशेष रूप से चित्त की उस अचेतन परत को सम्बोधित करती है जहाँ वासनाएँ (आदतन प्रवृत्तियाँ) संग्रहीत हैं। नृसिंह सरस्वती की सेवा करने वाले भक्तों में चमत्कारी चरित्र रूपान्तरण के गुरु चरित्र के विवरण इसी तन्त्र का सुझाव देते हैं: कृपा से प्रभावित चित्त-शुद्धि, भक्ति से शुद्ध अचेतन।

When to Chant

कब जपें

Chant before sadhana to invoke mental clarity, after confession or repentance, or at the start of any period of intensive spiritual practice aimed at purifying the mind.

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