ॐ शोकनाशनाय नमः
शोकनाशनः
Śokanāśanaḥ
Root: śoka + nāśana
अर्थ
The destroyer of grief, who dissolves the sorrow of separation and loss by revealing the eternal nature that cannot be lost
शोक का नाश करने वाले, जो उस शाश्वत स्वभाव को प्रकट करके वियोग और हानि के दुःख को विलीन करते हैं जिसे खोया नहीं जा सकता
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शोक
grief, sorrow, lamentation
शोक, दुःख, विलाप
नाशन
destroyer, dissolver
नाशक, विनाशक
आधुनिक संदर्भ
शोकनाशन सबसे सार्वभौमिक मानवीय अनुभवों में से एक से सीधे बोलता है: शोक। गीता का प्रारम्भिक सन्दर्भ अर्जुन का शोक है: गीता की सम्पूर्ण शिक्षा एक स्तर पर शोक का कृष्ण का उत्तर है। शोकनाशन दत्तात्रेय वही सान्त्वना देते हैं: जिसका आप शोक करते हैं वह खोया नहीं, क्योंकि सच्चा आत्म कभी नहीं खोता। गाणगापुर और औदुम्बर में जिन परिवारों ने शोक अनुभव किया है वे शोकनाशन दत्तात्रेय की विशेष तीर्थयात्रा करते हैं, अपना शोक लाकर उनके चरणों में छोड़ते हैं।
कब जपें
ॐChant when grieving a death or profound loss, in bereavement support, or as a consolation invocation that transforms grief through the recognition of what cannot truly be lost.
और उपचार नाम
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