Skip to main content
146

ॐ भयहारिणे नमः

भयहारी

Bhayahāriṇe

Root: bhaya + hārin

Protection·रक्षा
Meaning

अर्थ

The remover of fear, who takes away the deep existential terror that binds the soul as surely as the most visible external danger

भय हरने वाले, जो उस गहरे अस्तित्वगत आतंक को हरते हैं जो आत्मा को सबसे दृश्यमान बाहरी खतरे जितनी दृढ़ता से बाँधता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

भय

fear, existential dread

भय, डर

हारी

remover, one who takes away

हरने वाले, दूर करने वाले

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भयहारी उस मूल भय को सम्बोधित करता है जिसे उपनिषद् पहचानते हैं: अनस्तित्व का भय, वह भय जो सभी अन्य भयों के नीचे है। तैत्तिरीय उपनिषद् कहता है: 'ब्रह्म के भय से वायु बहती है; ब्रह्म के भय से सूर्य उगता है।' भय बद्ध अस्तित्व में अन्तर्निहित है। भयहारी के रूप में दत्तात्रेय भय को दुनिया को सुरक्षित बनाकर नहीं (वे श्मशान में घूमते हैं) बल्कि उस झूठी पहचान को हटाकर दूर करते हैं जो हानि को सम्भव बनाती है। समकालीन भारत में जहाँ चिन्ता विकार मुम्बई से हैदराबाद तक शहरी केन्द्रों में सबसे तेज़ी से बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चिन्ता है, यह नाम एक वास्तविक और बढ़ती आवश्यकता को सम्बोधित करता है।

When to Chant

कब जपें

Chant during anxiety, panic, or existential dread, at night when fears surface, or when working through the deep fear of death, loss, or meaninglessness that underlies all surface anxieties.

← → arrow keys to navigate